डिजिटल डेस्क, अफगानिस्तान। अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्जा करने के बाद अंतरिम सरकार का गठन तो कर लिया लेकिन अंदरूनी कलह से तालिबान परेशान होता दिख रहा है। हाल ही में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समर्थक वर्चस्व को लेकर भिड़ गये थे। जिसमें बरादर को गोली लगने की खबरें सामने आई थी। जिसके बाद मुल्ला बरादर काबुल छोड़कर कंधार चला गया था। इसी बीच बरादर ने वीडियो जारी कर उन खबरों को गलत बताया है। जिसमें कहा जा रहा था तालिबान के एक प्रतिद्वंद्वी गुट के साथ हिंसा में वह घायल हो गए हैं। तालिबान के सह-संस्थापक बरादर बीते कई दिनों से सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आये थे, जिसके बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। चोट या मृत्यु के बारे में अफवाहों का खंडन करने के लिए यहां तक कि अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को स्पष्ट रूप से एक कैमरे के सामने बैठना पड़ा और एक बयान जारी करना पड़ा। हालांकि यह एक रेडियो साक्षात्कार था, इसे वीडियो-रिकॉर्ड किया गया था और तालिबान नेताओं द्वारा ट्वीट कर बतानें की कोशिश की गई थी ताकि यह दिखाया जा सके कि उनका नेता जीवित है।

 

कंधार में है मुल्ला बरादार

बता दें कि मुल्ला बरादर का साक्षात्कार कंधार में लिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि मुल्ला बरादर अपने और एक कैबिनेट सदस्य के बीच बहस के बाद कंधार भाग गए थे और वो अभी कंधार में है। कथित तौर पर लड़ाई काबुल में राष्ट्रपति भवन में शुरू हुई थी। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क मध्यस्थता करने के लिए एक शक्ति संघर्ष में लगे हुए हैं, जिसको लेकर पाक ISI प्रमुख फैज हमीद कथित तौर पर काबुल आए थे। लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि बरादर और खलील उर-रहमान हक्कानी और उनके समर्थको के बीच यह लड़ाई बहुत बड़ी थी और बरादर ने अगले दिन शहर छोड़ दिया था।

 

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Author: Bulandaawaj

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