डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन का बड़ा बयान आया है। अजय माकन के बयान से इस बार ये साफ हो गया है कि प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री से जुड़ी खबरों पर अब कांग्रेस डेमेज कंट्रोल में जुट गई है। इस कोशिश में माकन ने उन सभी  खबरों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि पायलट से पार्टी के किसी बड़े नेता की बातचीत नहीं हो रही है।

सूत्रों से खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट के बीच गतिरोध को सुलझाने के लिए खुद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी हस्तक्षेप कर सकती हैं। अजय माकन ने ये स्पष्ट किया है कि उन्होंने और प्रियंका गांधी दोनों ने सचिन पायलट से बात की है। साथ ही ये भी स्पष्ट किया है कि वह पार्टी के वरिष्ठ और मूल्यवान नेता हैं, इसलिए यह हो नहीं सकता है कि उन्होंने पार्टी के किसी नेता से मिलने के लिए समय मांगा हो और उन्हें समय न दिया गया हो।

इस वजह से बढ़ा मतभेद

राजस्थान में विधायकों और विशेषकर पायलट खेमे ने राजस्थान में कैबिनेट विस्तार, बोर्ड और निगमों में नियुक्तियों के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि गहलोत इन कामों में रूकावट बन रहे हैं। पायलट पिछले हफ्ते दिल्ली में थे और इसके बाद अपने समर्थकों से मिलने के लिए वह उत्तराखंड भी गए, जहां उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा। 

पायलट के दबाव के बाद बदले सुर

पिछले दिनों सचिन पायलट ने ये आरोप लगाया था कि उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं. दस महीने का वक्त गुजर चुका है लेकिन न ही निगम मंडलों में नियुक्तियां हुई हैं और नही कोई अन्य शिकायतों का हल निकला है. इसके बाद माकन की ओर से ये बयान भी आया था कि कैबिनेट, बोर्ड और आयोगों के खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा। पायलट की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि पायलट उनसे नियमति बात कर रहे हैं नाराज होते तो शायद बात ही नहीं करते।

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Author: Bulandaawaj

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