डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजियाबाद में ऑटो में बैठे एक बुजुर्ग की जय श्रीराम न बोलने पर पिटाई के मामले पर राजनीति तेज हो गई है। इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के ट्वीट के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, प्रभु श्री राम की पहली सीख है-“सत्य बोलना” जो आपने कभी जीवन में किया नहीं। शर्म आनी चाहिए कि पुलिस द्वारा सच्चाई बताने के बाद भी आप समाज में जहर फैलाने में लगे हैं। सत्ता के लालच में मानवता को शर्मसार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता को अपमानित करना, उन्हें बदनाम करना छोड़ दें।

क्या कहा था राहुल गांधी ने?
राहुल गांधी ने कहा था, मैं ये मानने को तैयार नहीं हूं कि श्रीराम के सच्चे भक्त ऐसा कर सकते हैं। ऐसी क्रूरता मानवता से कोसों दूर हैं। यह समाज और धर्म दोनों के लिए शर्मनाक है।

क्या हा पूरा मामला?
अनूपशहर बुलंदशहर के रहने वाले बुजुर्ग सूफी अब्दुल समद 5 जून की दोपहर लोनी बार्डर थाने के बेहटा हाजीपुर गांव में जा रहे थे। लोनी बार्डर थाने के पास एक आटो चालक ने उन्हें अपने आटो में बैठा लिया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बु़जुर्ग आरोप लगा रहे हैं कि आटो में चालक के अलावा तीन अन्य लोग भी बैठे थे। इसके बाद उन्हें सुनसान स्थान पर ले जाया गया। कनपटी पर तमंचा रखकर धार्मिक नारे लगवाए। दाढ़ी काटी गई और मारपीट की गई। 

हालांकि जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो बुजुर्ग के धार्मिक नारे लगवाए जाने के आरोप गलत निकले। पुलिस के मुताबिक सूफी अब्दुल समद ताबीज बनाने का काम करता है। कुछ लोगों को इसने ताबीज दिया था, लेकिन जब इसका कोई असर नहीं हुआ तो उन लोगों ने बुजर्ज के साथ मारपीट की। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम प्रवेश, कल्लू और आसिफ है। अन्य आरोपियों की भी पुलिस ने पहचान कर ली है।

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Author: Bulandaawaj

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