डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की कैबिनेट का विस्तार कार्यक्रम बुधवार शाम संपन्न हुआ। इसमें कई नए चेहरों की मंत्रिमंडल में एंट्री हुई। इनमें सर्बानंदा सोनोवाल और नारायण राण सहित कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी शामिल है। ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र से राज्यसभा सांसद हैं। लेकिन केबिनेट मंत्री की शपथ लेने के साथ ही उन्होंने कांग्रेस के उन दिग्गज नेताओं को चौका दिया है, जो अब तक सिंधिया के भाजपा में शामिल होने पर गलत निर्णय बता रहे थे। वहीं सिंधिया को केबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद उन विपक्षी दलों के नेताओं के मन में नई आस जाग गई है, जो भाजपा में शामिल होने का मन बना रहे थे। 

आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार में, ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे अहम रूप में देखा जा रहा था। उन्हें किस विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी, फिलहाल यह तय नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों की मानें तो उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 

कांग्रेस ने फिर कसा तंज
सिंधिया द्वारा केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही राजनीति गलियारों में पीएम मोदी द्वारा वादा निभाय जाने की चर्चाएं होने लगी हैं। लेकिन कांग्रेस ने इस मौके पर सिंधिया पर तंज कसा है। मप्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया ट्वीटर पर लिखा, ”ग़द्दारी की परंपरा कुछ यूँ निभाई है, अबकी बहुमत बेचकर कुर्सी पाई है।”

मप्र की राजनीति के महाराज
मालूम हो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाने में बड़ा हाथ माना जाता है। उन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति का ‘महाराज’ कहा जाता है, मार्च 2020 में सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। जिसके बाद से ही कांग्रेस नेताओं ने उन पर तल्ख टिप्पणी करना शुरू कर दी थीं, लेकिन केबिनेट मंत्री की शपथ के बाद उन्होंने यह बता दिया है कि कांग्रेस ने उन्हें औदे के हिसाब से कभी जगह नहीं दी थी। 

राजनीति सफर की शुरुआत
सिंधिया के राजनीति कॅरियर पर नजर डालें तो साल 2002 में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। पिता माधवराव सिंधिया के निधन के बाद उन्होंने गुना सीट से पहली बार चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने साढ़े चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की और 2020 में पहली बार सांसद बने।

शिक्षा
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा सिंधिया स्कूल ग्वालियर (दून स्कूल) से की। स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वे इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने पहुंचे, लेकिन एडमिशन नहीं हो सका तो अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और 1991 में अपनी पढ़ाई पूरी की।

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Author: Bulandaawaj

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