डिजिटल डेस्क, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी की विधानसभा चुनाव में जीत को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले की आज शुक्रवार को सुवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने अगले गुरुवार तक इसे टाल दिया है। चुनाव के 46 दिन बाद ममता ने इस नतीजे को कोर्ट में चुनौती दी थी। ममता को नंदीग्राम में उनके सहयोगी से प्रतिद्वंद्वी बने सुवेंदु अधिकारी ने हराया था। सुवेंदु विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।

अपनी याचिका में, ममता बनर्जी ने मांग की कि सुवेंदु अधिकारी के चुनाव को तीन आधारों पर अमान्य घोषित किया जाए – रिश्वतखोरी, घृणा और शत्रुता को बढ़ावा देने, धर्म के आधार पर वोट मांगने और बूथ पर कब्जा करने सहित भ्रष्ट आचरण। याचिका में ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि मतगणना प्रक्रिया में  विसंगतियां थीं। फॉर्म 17सी में नॉन-कंप्लायंस के आरोप भी ममता बनर्जी ने लगाए है। जिसमें दर्ज किए गए मतों और मतगणना के परिणाम का लेखा-जोखा होता है।

सीएम ममता के इस कदम को लेकर बीजेपी के अमित मालवीय ने कहा, आप दो बार चुनाव कैसे हारते हैं? पहले चुनाव में और फिर एक हारे हुए व्यक्ति की तरह कोर्ट में जनमत को चुनौती देकर। मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी को दो बार नंदीग्राम की हार का अपमान सहते देखना दिलचस्प होगा।

बता दें कि बंगाल में 8 चरणों में हुए चुनाव के बाद 2 मई को रिजल्ट आए थे। बहुत करीबी मुकाबले में सुवेंदु को जहां 1,10,764 वोट मिले, वहीं ममता को 1,08,808 वोट मिले थे। शुभेंदु अधिकारी ने रोमांचक मुकाबले में ममता को 1956 वोटों से हरा दिया था। एक स्टेज में मतगणना के दौरान कुछ चैनलों ने खबर दी थी कि ममता नंदीग्राम से चुनाव जीत गई हैं। हालांकि, रिपोर्ट गलत निकली क्योंकि चुनाव आयोग ने बाद में सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम से विजेता घोषित किया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। तब उन्होंने यहां फिर से काउंटिंग की भी मांग की थी। ममता ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात भी कही थी।

नंदीग्राम में हार के बाद ममता ने 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि वह चुनाव कहां से लड़ेंगी। आखिरकार, उनकी पारंपरिक सीट भवानीपुर से जीते TMC के विधायक शोभन देव चटर्जी ने इस्तीफा दे दिया। शोभन देव ने कहा- मुख्यमंत्री दो बार भवानीपुर सीट से जीत चुकी हैं। सभी पार्टी नेताओं ने चर्चा की और जब मैंने यह सुना कि वह यहां से चुनाव लड़ना चाहती हैं तो मैंने सोचा कि मुझे यह सीट खाली कर देना चाहिए। किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। अब यह तय है कि ममता यहीं से चुनाव लड़ेंगी। 

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Author: Bulandaawaj

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