डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अपने बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस को उबारने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कुछ सुझाव दिए है। कपिल सिब्बल का कहना है कि अपोजिशन रैंक में ‘राजनीतिक शून्य’ को भरने के लिए भारत को पुनरुत्थानवादी कांग्रेस की जरूरत है। पार्टी को यह दिखाने की जरूरत भी है कि वह एक्टिव है और सार्थक रूप से काम करने की इच्छुक है। रविवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कपिल सिब्बल ने ये बयान दिया है।

कपिल सिब्बल ने कहा, पार्टी संगठन के चुनाव जल्द कराए जाने चाहिए। केंद्र और राज्यों के स्तर पर बड़े सुधारों की जरूरत है जिससे यह नजर आए कि वह जड़ता की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, देश में राजनीतिक विकल्प का अभाव है। इसलिए इस समय एक मजबूत और भरोसेमंद विपक्ष जरूरी है। कांग्रेस में अनुभव और युवाओं के बीच संतुलन बनाने की तुरंत जरूरत है। बता दें कि सिब्बल पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी में व्यापक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले जी-23 नेताओं में शामिल थे।

कपिल सिब्बल ने कहा कि फिलहाल भाजपा का कोई मजबूत सियासी विकल्प नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन का नैतिक अधिकार खो दिया है। देश के मौजूदा रुख को देखते हुए कांग्रेस एक विकल्प पेश कर सकती है। सिब्बल ने कहा कि चुनावों में हार की समीक्षा के लिए समितियां बनाना अच्छा है, लेकिन इन का तब तक कोई असर नहीं होगा जब तक उनके द्वारा सुझाए गए उपायों पर अमल नहीं किया जाता।

सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस जनता को यह समझाने में विफल रही कि देश के लिए अल्पसंख्यक व बहुसंख्यक संप्रदायवाद समान रूप से खतरनाक है। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिये इसे एक कारण के तौर पर रेखांकित किया। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने पर सिब्बल ने कहा कि अनुभव व युवाओं के बीच संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

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Author: Bulandaawaj

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