नई दिल्ली
नांगलोई वॉर्ड में डॉ. पीसी कौशिक वृद्धाश्रम का नाम चेंज कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। वृद्धाश्रम के नामकरण को लेकर रविवार को वॉर्ड में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। लेकिन, नामकरण को लेकर नॉर्थ एमसीडी में कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह गलत परंपरा की नींव डल रही है। ऐसे तो सत्ता में आने के बाद कोई भी किसी स्कूल, सड़क, कम्युनिटी सेंटर या वृद्धाश्रम का नाम चेंज कर देगा।

वॉर्ड की पार्षद ज्योति रछौया के अनुसार जिस जगह वृद्धाश्रम है, उसी जगह पर पहले टॉयलेट ब्लॉक और कूड़ाघर हुआ करता था। आसपास रहने वाले लोग बदबू और गंदगी से कई सालों से काफी परेशान थे। जिससे उनके ही परिवार के लोगों ने इसे तोड़ दिया। 2008 में इसी जगह पहली बार वृद्धाश्रम बनाने का प्रस्ताव उस समय के एमसीडी कमिश्नर के.एस. मेहरा ने बनाया। 2013 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने कम्युनिटी सेंटर की दीवार का उद्धाटन किया और इसका नाम डॉ. पीसी कौशिक वृद्धाश्रम रखा गया। 2017 में एरिया के सांसद रहे उदित राज ने सांसद फंड से कम्युनिटी सेंटर का काम पूरा कराया। संवैधानिक रूप से इस वृद्घाश्रम का नाम रखने के लिए रछौया ने नेमिंग कमिटी में प्रस्ताव भी रखा था। इसके बाद इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वृद्धाश्रम करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके लिए रविवार को कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

कांग्रेस पार्षदों ने नामकरण पर विरोध जताया
नॉर्थ एमसीडी में कांग्रेस पार्षद मुकेश गोयल का कहना है कि यह एक गलत परंपरा की नींव सत्तारूढ़ पार्टी रख रही है। जब वृद्धाश्रम का नाम पहले से ही तय है और जिस व्यक्ति के नाम पर वृद्धाश्रम का नाम है, वह भी जनप्रतिनिधि रहे हैं, ऐसे में किसी को ऐतराज क्यों है? ऐसे तो जो भी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आएगी, अपनी सहूलियत के अनुसार कम्युनिटी सेंटर, वृद्धाश्रम, रोड, फ्लाईओवर और मार्केट का नाम चेंज करेगी। अगले सदन में इसका विरोध किया जाएगा।

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Author: Bulandaawaj

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