हाइलाइट्स:

  • केजरीवाल सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना पर केंद्र सरकार का ब्रेक
  • आम आदमी पार्टी ने कहा है कि घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर लंबे समय से काम चल रहा था
  • आप नेता बोले-दिल्ली सरकार स्विगी, ऐमेजॉन, जोमैटो की तरह लोगों के घर राशन पहुंचाना चाह रही है

नई दिल्ली
केजरीवाल सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना (डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ राशन) पर केंद्र सरकार ने ब्रेक लगा दिया है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर लंबे समय से काम चल रहा था और यह योजना अब शुरू होने जा रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने केजरीवाल सरकार की क्रांतिकारी ‘राशन की होम डिलीवरी’ योजना को रोक दिया है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि केंद्र की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्यों को राशन प्रदान किया जाता है, इसलिए इसमें कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। केंद्र ने कहा है कि NFSA के तहत सब्सिडी वाला अनाज किसी भी राज्य-विशेष की योजना के लिए नए नाम से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

आदेश वापस लेने की अपील की
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में घर-घर राशन योजना की 25 मार्च को होने वाली शुरुआत से पहले ही केंद्र ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी भेजी है। वह इस योजना को बंद करने की बात कह रही है। मौजूदा सिस्टम में हर महीने परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से राशन मिलता है। इस सिस्टम के अंदर बहुत सी कमियां हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गरीब आदमी को 5 किलो राशन लेने के लिए सुबह लाइन में लगना पड़ता है और उसकी पूरे दिन की दिहाड़ी बर्बाद होती है। घर-घर राशन योजना पर दिल्ली सरकार 3-4 साल से काम कर रही थी, ताकि राशन को पैक करके घर पर पहुंचाया जाए। केंद्र सरकार से अपील है कि जनता विरोधी इस फरमान को तुरंत वापस लिया जाए। घर-घर राशन योजना गरीबों के हक में है। दिल्ली सरकार स्विगी, ऐमेजॉन, जोमैटो की तरह लोगों के घर राशन पहुंचाना चाह रही है।

हमारे लिए यह बहुत बड़ी योजना
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल सरकार के लिए यह बहुत बड़ी योजना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीमापुरी में कई साल गरीबों की बस्ती में काम किया है और वे जानते हैं कि राशन सिस्टम में क्या कमियां हैं। दिल्ली सरकार ने राशन डीलरों को मिलने वाले कमीशन को बढ़ाया है, फिर भी शिकायतें आ रही हैं। हर रोज दुकान नहीं खुलती। किसी को राशन मिलता है, किसी को नहीं मिलता। तोल के अंदर गड़बड़ की जाती है। मिलावट की शिकायत भी आती है।

इससे सुंदर व्यवस्था नहीं हो सकती थी
ऐसे में, इससे सुंदर व्यवस्था नहीं हो सकती कि सरकार गरीब आदमी को बिना भ्रष्टाचार के पूरी इज्जत के साथ राशन उसके घर पर पहुंचाए। इससे कई दलाली खत्म हो जाती। हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार खत्म हो जाता और गरीब दुआएं देते। ऐसे में योजना की शुरुआत में एक हफ्ता भी नहीं बचा और केंद्र ने यह चिट्ठी दिल्ली सरकार को भेजी है। केंद्र कह रहा है कि इस स्कीम को आप बंद कर दीजिए। यह काफी हैरानी की बात है कि गरीब आदमी को घर बैठे राशन पहुंचाने में केंद्र को क्यों और क्या आपत्ति है।

दिल्ली सरकार अपने खर्च पर देना चाहती है राशन
सौरभ ने कहा कि हम केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि आप इस तरीके के फरमान जारी न करें। यह सीधा-सीधा जनता के विरोध में हैं। हम अपील करेंगे कि वे अपनी चिट्ठी वापस लें। दिल्ली के अंदर डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ राशन दुनिया के अंदर सबसे पहली बार सोची गई योजना थी। स्विगी, आमेजन, जोमेटो से कुछ ऑर्डर करते हैं तो आपको घर बैठे सामान पहुंचाते हैं, उसी तरह गरीब लोगों को यह व्यवस्था दिल्ली सरकार अपने खर्च पर करना चाह रही है।

Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल

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Author: Bulandaawaj

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