नई दिल्ली
किसान आंदोलन वाले मामलों में वकील की नियुक्ति को लेकर दिल्ली सरकार और एलजी के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ‘कैबिनेट निर्णयों को इस तरह पलटना दिल्ली वालों का अपमान है। दिल्ली के लोगों ने एतिहासिक बहुमत से ‘आप’ सरकार बनायी और भाजपा को हराया। भाजपा देश चलाये, ‘आप’ को दिल्ली चलाने दे। आए दिन हर काम में इस तरह की दख़ल दिल्ली के लोगों का अपमान है। भाजपा जनतंत्र का सम्मान करे।’

kejriwal twit


दरअसल, बीते 16 जुलाई को उपराज्यपाल अनिल बैजल के वकील की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव को दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक बुलाकर अस्वीकार कर दिया था। सीएम केजरीवाल ने ऐलान किया था अब किसान आंदोलन का केस दिल्ली सरकार के वकील ही लड़ेंगे। इससे पहले 15 जुलाई को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार की तरफ से गठित पैनल को खारिज कर दिया था। इसकी जगह दिल्ली पुलिस की ओर से सुझाए गए वकीलों के पैनल पर कैबिनेट की मुहर लगाने पर फैसला लेने को कहा था।

इससे पहले तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों पर दर्ज केस की सुनवाई के लिए केजरीवाल सरकार ने वकीलों का पैनल बनाया था। वहीं, दर्ज मामलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस अपने वकीलों के पैनल की नियुक्त की। लेकिन दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकारी वकीलों का पैनल बनाकर दिल्ली के गृह मंत्री ने प्रस्ताव उप राज्यपाल के पास भेजा था।

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सिसोदिया ने भी एलजी के खिलाफ जाहिर की नाराजगी
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि उप राज्यपाल (अनिल बैजल) ने किसानों के आंदोलन से संबंधित मामलों की पैरवी के लिए वकीलों का चयन करने के आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के फैसले को केंद्र सरकार के पास भेजा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित आप सरकार के कामकाज में अड़चनें डाली जा रही हैं।

सिसोदिया ने कहा कि उप राज्यपाल को दिल्ली सरकार के हर एक मामले में नहीं, बल्कि किसी भी मामले में केवल ‘असाधारण परिस्थितियों’ में ही हस्तक्षेप करना चाहिए अन्यथा एक निर्वाचित सरकार की आवश्यकता ही क्या रह जाएगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 19 जुलाई को निर्णय लिया था कि पिछले वर्ष केंद्र द्वारा लागू किए गए विवादित नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन से जुड़े मुकदमे लड़ने के लिए वकीलों का चयन दिल्ली सरकार करेगी।

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सिसोदिया ने कहा, ‘उप राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने इस विषय को केंद्र के पास भेजा है ताकि इस पर माननीय राष्ट्रपति विचार कर सकें। मैं पूछना चाहता हूं कि वकील चुनने में केंद्र की क्या दिलचस्पी है? यदि वकीलों का चयन भी वे ही करना चाहते हैं तो दिल्ली की निर्वाचित सरकार का क्या मतलब रह जाता है।’ उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के उप राज्यपाल के पास दिल्ली सरकार के ऐसे फैसलों को केंद्र के पास भेजने की शक्ति है, जिनसे वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह बात ‘हर मामले में नहीं’, बल्कि केवल ‘असाधारण परिस्थितियों’ में लागू होती है लेकिन ‘वह (एलजी) इन शक्तियों का लगभग हर मामले में इस्तेमाल कर रहे हैं।’

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Author: Bulandaawaj

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