विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश के मुकाबले दिल्ली में मृत्यु दर ज्यादा रहने के पीछे बीजेपी ने दिल्ली सरकार की होम आइसोलेशन की नीति को जिम्मेदार ठहराया है। बीजेपी का आरोप है कि होम आइसोलेशन में इलाज की सुविधा मुहैया कराने के नाम पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया। इसकी वजह से न केवल संक्रमण ज्यादा तेजी से फैला, बल्कि मरीजों की हालत भी ज्यादा बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाने में देर हुई, जिसके चलते कई मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने दिल्ली सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं।

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बुधवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता, साउथ दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार को घेरा। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने अपनी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी को छुपाने के लिए लोगों को होम आइसोलेशन में रोककर संक्रमण को और बढ़ाया, जिसके कारण प्रति दस लाख व्यक्ति पर मृत्यु दर दिल्ली में सबसे अधिक रही। होम आइसोलेशन में मरीजों को इलाज की पर्याप्त सुविधाएं भी मुहैया नहीं कराई गईं।

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बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के चक्कर में सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लिए खरीदे गए ऑक्सिमीटर, ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर, दवाइयां और पीपीई किट इस्तेमाल के लिए दूसरे राज्यों को दे दिया और इसीलिए दिल्ली के मरीजों को ये चीजें सरकार की तरफ से नहीं मिल सकीं। पहली लहर के दौरान बनाए गए टेंपररी आइसोलेशन सेंटरों को तोड़ने या हटाने में भी काफी जल्दबाजी की गई। ऐसे में दूसरी लहर के दौरान केसेज बढ़ने पर इन्हें फिर से बनाने में काफी वक्त लगा और इसमें काफी धांधली भी हुई। बीजेपी ने होम आइसोलेशन के नाम पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने, उनमें निगरानी के लिए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की ड्यूटी लगाने और मरीजों को ऑक्सिमीटर मुहैया कराने में भी भारी धांधली किए जाने के आरोप दिल्ली सरकार पर लगाए।

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पार्टी नेताओं ने पूछा कि जब लोगों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा था, तब होम आइसोलशन के मरीजों की मदद के लिए दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया? इसके अलावा बिना आरटीपीसीआर टेस्ट के मरीजों को होम आइसोलेट करा देने की वजह से कई मरीजों में संक्रमण का पता चलने और समय पर उनका इलाज शुरू होने में काफी देरी हुई, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई और कई मरीजों की मौत हो गई। बीजेपी ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और ऐसे सभी मृतकों के परिजनों को सरकार मुआवजा कब देगी?

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Author: Bulandaawaj

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