विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वैक्सीन की कमी को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने वैक्सीन की कमी के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। वैक्सीन को उपलब्ध न करवाने और खराब मैनेजमेंट को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल भी उठाए।

सिसोदिया ने कहा कि केंद्र ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम को मजाक बना दिया है। अमेरिका ने दिसंबर 2020 में फाइजर, मोडर्ना और जॉनसन तीनों को मंजूरी दे थी लेकिन भारत में तीनों को अब तक मंजूरी नहीं दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर हथियार वैक्सीन है। आज पूरे विश्व की सरकारें अपने नागरिकों को वैक्सीन लगाने में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। दिल्ली में दिल्ली सरकार ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां कीं। दिल्ली में 18-44 आयु वर्ग के लिए 400 और 45+ आयु वर्ग के लिए 650 वैक्सीन सेंटर स्थापित किए गए। मगर, केंद्र की बदइंतजामी और वैक्सीन की कमी से दिल्ली में युवाओं के लिए शुरू किए गए केंद्रों को बंद करना पड़ा है। साथ ही 45+ आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन की कमी से कोवैक्सीन के सेंटर बंद करने पड़े हैं। दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे देश में ऐसा ही हाल है। कई राज्यों के कुछ जिलों में वैक्सीन न मिलने से युवाओं के लिए केंद्रों की शुरुआत भी नहीं की गई है।

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार वैक्सीन मैनेजमेंट में पूरी तरह फेल हो चुकी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र से युवाओं के लिए वैक्सीन मांगी तो केंद्र ने सिर्फ 4 लाख वैक्सीन देकर कहा कि बाकी वैक्सीन के लिए फाइजर, मोडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कंपनियों के साथ ग्लोबल टेंडर जारी करें। वैक्सीन के लिए इन कंपनियों से बात की तो जवाब मिला कि वे केवल केंद्र से वैक्सीन को लेकर डील करेगी। आज 68 देशों ने स्पूतनिक वैक्सीन को मंजूरी दी है, लेकिन केंद्र सरकार की नींद महीनों बाद खुली है और अप्रैल 2021 में जाकर भारत सरकार ने स्पूतनिक को मंजूरी दी।

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ब्रिटेन ने भी फाइजर को दिसंबर में मंजूरी दे दी और 85 दूसरे देश फाइजर को अपने यहां मंजूरी दे चुके हैं लेकिन भारत में इसे मंजूरी नहीं मिली है। भारत के अलावा मोडर्ना को 46 देशों ने और जॉनसन एंड जॉनसन को 41 देशों ने मंजूरी दी है।

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र राज्यों को वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर लाने के लिए कहता है। मगर, विदेशी वैक्सीन को मंजूरी नहीं देता। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व वैक्सीन के उत्पादन पर नजर बनाए रखा था और वैक्सीन के लिए एडवांस ऑर्डर कर दिया था उस दौरान केंद्र सरकार गहरी नींद में सो रही थी। नवंबर 2020 में प्रधानमंत्री ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया का दौरा किया उसके बाद से अप्रैल तक सरकार की ओर से उसे कोई फंड नहीं दिया गया। राज्य वैक्सीन की मांग कर रहे हैं, तो बीजेपी के लोग ऊटपटांग बयान देते हैं।

वैक्सीन कार्यक्रम को मजाक बना दिया केंद्र ने, मैनेजमेंट में पूरी तरह फेल: सिसोदिया

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Author: Bulandaawaj

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