डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई दर को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा है। चिदंबरम ने कहा, थोक मूल्य सूचकांक महंगाई 12.94%। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) महंगाई 6.3%। क्या आप जानना चाहते हैं क्यों? ईंधन और बिजली महंगाई 37.61 फीसदी पर है। हर रोज़ पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाने वाले पीएम मोदी का शुक्रिया। चिदंबरम ने कहा, फूड इंफ्लेशन 6.3% हो गई है। आप जानते हैं क्यों? पल्सेज इंफ्लेशन 9.93% पर है और खाद्य तेल इंफ्लेशन 30% पर। सक्षम आर्थिक मैनेजमेंट के लिए ये सबसे अहम हैं। 

बता दें कि सोमवार को थोक और खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए गए हैं। फूड प्रोडक्ट की बढ़ी कीमतों के कारण मई में खुदरा महंगाई दर पिछले महीने के  4.23% से बढ़कर 6.3% हो गई है। ये 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। फूड प्रोडक्ट की महंगाई दर मई में 5.01 फीसदी रही, जो उसके पिछले महीने के 1.96 फीसदी से बहुत ज्यादा है। सरकार ने रिजर्व बैंक के सामने खुदरा महंगाई दर को 4 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य दिया था, जिसमें दो फीसदी का मार्जिन था। लेकिन अब ये आरबीआई के लिए निर्धारित लक्ष्य के दायरे से बाहर चली गई है।

वहीं क्रूड ऑयल और मैन्यूफैक्चर्ड गुड्स के दाम बढ़ने से मई 2021 में थोक महंगाई दर (WPI) रिकॉर्ड 12.94 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है। इसके अधिक होने के पीछे लो बेस इफेक्ट भी है यानी कि पिछले साल मई 2020 में यह बहुत ही कम था जिसके चलते इस बार आंकड़े बढ़े हैं। पिछले साल मई 2020 में यह आंकड़ा (-) 3.37% था। अप्रैल 2021 में भी यह आंकड़ा दोहरे अंकों में 10.49 फीसदी था। महीने दर महीने के आधार पर मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स के लिए मई में 10.83 फीसदी का इंफ्लेशन रहा जबकि अप्रैल 2021 में यह आंकड़ा 9.01 फीसदी का रहा था।

मई 2021 में ईंधन और बिजली महंगाई में 37.61 फीसदी का उछाल आया जबकि अप्रैल 2021 में यह आंकड़ा 20.94 फीसदी था। खाने के सामानों के लिए इंफ्लेशन मई 2021 में 4.31 फीसदी कम हुआ है। यह लगातार पांचवा महीना है जब होलसेल प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई में उछाल आया है।

Source link

Bulandaawaj
Author: Bulandaawaj

Leave a Reply

Your email address will not be published.