हाइलाइट्स:

  • ऑक्सिजन ऑडिट रिपोर्ट से बुरी तरह घिरने के बाद अरविंद केजरीवाल ने खेला इमोशनल कार्ड
  • केजरीवाल ने कहा- मेरी बस यही गुनाह कि 2 करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ा
  • सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी लहर के पीक के वक्त ऑक्सिजन की खपत के ऑडिट के लिए बनाई थी टीम
  • टीम ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली सरकार ने जरूरत से चार गुना ऑक्सिजन की मांग की थी

नई दिल्ली
दिल्ली सरकार की तरफ से कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सिजन की मांग को ‘बढ़ाचढ़ा’ कर बताए जाने वाली ऑडिट रिपोर्ट से घिरे सीएम अरविंद केजरीवाल ने इमोशनल कार्ड खेला है। बीजेपी की तरफ से ‘आपराधिक लापरवाही’ के आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनका ‘अपराध’ केवल इतना है कि ‘उन्होंने दो करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ाई लड़ी। केजरीवाल ने साथ ही कहा कि जिन्होंने ऑक्सिजन की कमी के कारण अपनों को खोया है,उन्हें ‘झूठा’ नहीं कहा जा सकता।

दरअसल राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सिजन की खपत पर ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित एक उप समूह ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सिजन की खपत को ‘बढ़ाचढ़ा’कर पेश किया था।

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुआई वाले पैनल ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली सरकार ने 30 अप्रैल को 700 मीट्रिक टन ऑक्सिजन के आवंटन की मांग की थी, जो ‘गलत फॉर्म्युला’ पर आधारित थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद बीजेपी ने केजरीवाल पर ‘जघन्य अपराध’ और ‘आपराधिक लापरवाही’ का आरोप लगाया।

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इनके जवाब में केजरीवाल ने ट्वीट किया,‘मेरा अपराध-मैं अपनी दो करोड़ जनता को सांसें देने के लिए लड़ा। जब आप चुनाव रैली कर रहे थे,मैं पूरी रात जाग कर ऑक्सिजन की व्यवस्था कर रहा था।’

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उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा,‘ लोगों ने ऑक्सिजन की कमी की वजह से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है।’

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Author: Bulandaawaj

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