हाइलाइट्स

  • नर्सरी से लेकर 12वीं के बच्चों के लिए लगेगी 45 मिनट की क्लास
  • द‍िल्‍ली के सभी सरकारी स्कूलों में देशभक्ति का पाठ शुरू
  • सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को अपने देश से प्यार करना सिखाया जाएगा

नई दिल्ली
‘पिछले 74 साल में हमने अपने स्कूलों में फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स तो पढ़ाई लेकिन बच्चों को देशभक्ति नहीं सिखाई। मुझे खुशी है कि दिल्ली सरकार ने यह शुरुआत की है। देशभक्ति करिकुलम के माध्यम से अब दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को अपने देश से प्यार करना सिखाया जाएगा।’ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह कहते हुए शहीद भगत सिंह की जयंती पर मंगलवार को देशभक्ति करिकुलम लॉन्च किया। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब देशभक्ति करिकुलम की 45 मिनट की क्लास नर्सरी से लेकर 12वीं तक हर बच्चे के लिए लगेगी।

करिकुलम के लॉन्च के समारोह के मौके पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, देशभक्ति करिकुलम के तहत हर साल हर बच्चा 100 देशभक्तों के दिए गए बलिदान, योगदान और देश के प्रति उनके जज़्बे के बारे में पढ़ेगा। समारोह के दौरान यूफोरिया बैंड ने परफॉर्मेंस दी और इस दौरान कलाकारों के बीच सीएम ने दुष्यंत कुमार की कविता ‘हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए…’ भी गायी।

’24 घंटे बच्चे के अंदर रहे देशभक्ति, हमें ऐसा माहौल पैदा करना है’

छत्रसाल स्टेडियम में टीचर्स, स्टूडेंट्स और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के बीच दिल्ली सरकार का देशभक्ति करिकुलम लॉन्च हुआ। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, जब हम तिरंगे को देखते हैं तो अंदर कंपन होता है, उसी को देशभक्ति कहते हैं। जब जन गण मन गाकर मन में तरंगे उठती हैं, उसी को देशभक्ति कहते हैं। परेशानी यह है कि यह देशभक्ति कभी कभी जागती है, जब हम देशभक्ति फिल्म देखते हैं, या गीत गाते हैं या तिंरगे को देखते हैँ। हमें महौल ऐसा पैदा करना है कि 24 घंटे बच्चा देशभक्ति की भावना के अंदर जीना चाहता है। हर इंसान जो कुछ भी करे, वह यह सोचे वो अपने देश के लिए कर रहा है। जिस दिन हम यह करने में सफल हो गए, उस दिन देश का स्वरूप खास होगा।

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‘अब देशभक्त इंजीनियर, डॉक्टर, अफसर… बनाएंगे हम’
केजरीवाल ने कहा, आज हमारे स्कूल, कॉलेज, इंस्टिट्यूशन अच्छे इंजीनियर, डॉक्टर, लॉयर, बिजनेमैन पैदा कर रहे हैं, मगर अब हम देशभक्त इंजीनियर, डॉक्टर… बनाएंगे। जो देशभक्त डॉक्टर होगा तो वो यह सोचेगा कि मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कैसे करूं। देशभक्त इंजीनियर भी देश के लिए काम करेगा, पैसे के लिए नहीं। यही देश की सेवा है, सबको बॉर्डर पर जाकर नहीं लड़ना। पैसे की मशीनें तैयार करना बंद करना है, वही देशभक्त है तो 24 घंटे समाज और देश के लिए सोचे। यही हमारे देशभक्ति करिकुलम का मकसद है। इसमें हम सुधार करते जाएंगे। यह देश की प्रगति के तौर पर मील का पत्थर शामिल होगा। दिल्ली ने यह छोटी शुरुआत की है, आने वाले वक्त में पूरा देश मिलकर इस करिकुलम को और अच्छा बनाएगा।

‘यह नैतिक उपदेश का करिकुलम नहीं’
इस मौके पर सिसोदिया ने कहा, दो साल पहले छत्रसाल स्टेडियम में 26 जनवरी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि हमारा सपना है कि हम अपने बच्चों को बेहतरीन प्रतिभा बनाकर खड़ा करें ही, लेकिन यह भी करें कि हर बच्चे को कट्टर देशभक्त बनाएं। दो साल के अंदर शानदार देशभक्ति करिकुलम दिल्ली के स्कूलों में लागू हो रहा है। उन्होंने कहा, यह नैतिक उपदेश का करिकुलम नहीं होगा, यह इतिहास की कहानियों को रटकर परीक्षा देने का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि बच्चा महसूस करेगा कि कितनी मुश्किल लड़ाई लड़ी, जिनकी वजह से हम आजाद जिंदगी जी रहे हैं। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स से सीएम, डिप्टी सीएम ने संवाद भी किया। इस समारोह में कल्चरल प्रोग्राम भी हुए। दिल्ली सरकारी के कई नेता और अधिकारी समारोह में मौजूद थे।

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खास है करिकुलम

45 मिनट की देशभक्ति क्लास में खास एक्टिविटी होगी- 5 मिनट का ‘देशभक्ति ध्यान। उपमख्यमंत्री ने बताया, इसमें बच्चे माइंडफुलनेस मेडिटेशन करते हुए भारत माता के प्रति ध्यान करेंगे। साथ ही रोजना पांच पांच देशभक्तों को याद कर उनके त्याग बलिदान और योगदान के प्रति कृतज्ञता का भाव भी व्यक्त करेंगे। 8वीं तक के बच्चों के लिए यह क्लास रोजाना लगेगी और 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए सप्ताह में दो बार क्लास होगी। इस साल 100 स्वतंत्रता सेनानियों के साथ शुरुआत की गई है, इसके बाद हर साल 100 देशभक्तों की कहानियां अगले सालों में करिकुलम में जोड़ी जाएंगी।

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Author: Bulandaawaj

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