डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा लगातार सियासी सुर्खियां बटोर रहा है। ये दौरा ऐसे समय में हुआ जब ये अटकलें जोरों पर थीं कि सीएम योगी और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। ऐसे माहौल में हुई ये यात्रा सुर्खियों में बनी हुई है। सीएम योगी की पीएम मोदी से मुलाकात हो चुकी है। ये मुलाकात तकरीबन डेढ़ घंटा चली। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें उत्तरप्रदेश के कैबिनेट विस्तार से लेकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा हुई। 

शाह, मोदी के बाद नड्डा से मुलाकात
अपने दौरे के पहले दिन सीएम योगी की मुलाकात केंद्रीय मंत्री और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से हुई। इस मुलाकात के बाद वो पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। दोनों से अलग अलग चर्चा होने के बाद योगी अब नड्डा से चर्चारत हैं। माना जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष से बातचीत का सारा फोकस मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ा हुआ है। दरअसल उत्तरप्रदेश वापसी के बाद योगी का ये मंत्रिमंडल विस्तार बेहद अहम होगा। संभावनाएं हैं कि ये मंत्रिमंडल विस्तार योगी के इस कार्यकाल का अंतिम विस्तार हो क्योंकि इसके बाद चुनाव होने हैं। लिहाजा इस विस्तार में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि सारे चुनावी गणित साध लिए जाएं। यही वजह है कि इस विस्तार से पहले चर्चाओं का दौर जारी है।

जितिन प्रसाद हो सकते हैं सरप्राइज पैकेज
इस मंत्रिमंडल विस्तार में योगी बड़ा चौंकाने वाला फैसला भी ले सकते हैं। हाल ही में जितिन प्रसाद ने पाला बदला है। कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल होने वाले जितिन प्रसाद को योगी सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है। ब्राह्मण वोटों को साधने का इससे बेहतर मौका और कोई हो भी नहीं सकता। लिहाजा योगी सरकार में जितिन प्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल करने की तैयारी हो सकती है। दरअसल यूपी में जुलाई में विधानपरिषद की 6 सीटें खाली हो रही हैं। इसी रास्ते से जितिन प्रसाद को विधानसभा भेजने की तैयारी हो सकती है। जिसके बाद उन्हें योगी मंत्रिमंडल का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। इन सभी फैसलों पर अंतिम मुहर आलाकमान ही लगाएंगे जिसकी तैयारी चल रही है। 

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Author: Bulandaawaj

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