नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में चुनी हुई सरकार के कामकाज में एलजी के दखल पर आपत्ति जताई है और उन्होंने इस मुद्दे पर एलजी अनिल बैजल को चिट्ठी भी लिखी है। दिल्ली सरकार और एलजी के बीच तल्खी कोई नई बात नहीं है। घर-घर राशन से लेकर दिल्ली दंगों में पैरवी करने का मामला हो या फिर दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख होने का मुद्दा। दोनों की बीच की लड़ाई हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है।

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सिसोदिया बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
सिसोदिया ने एलजी से अपील करते हुए कहा है कि आप चुनी सरकार के अधीन आने वाले विषयों में फैसले लेना बंद करें। इन विषयों पर अधिकारियों की बैठक बुलाना और उन्हें निर्देश देना भी बंद कर दें। डिप्टी सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए यह भी लिखा है कि इस तरह की बैठकें बुलाकर लिए गए फैसले न सिर्फ असंवैधानिक हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन हैं।

किसानों की पैरवी करने वाले वकीलों की लिस्ट पर मतभेद
दो दिन पहले ही लाल किला हिंसा मामले में कोर्ट में किसानों की पैरवी कौन करे, इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच ठन गई । दिल्ली सरकार ने वकीलों का एक पैनल बनाकर मंजूरी के लिए लिस्ट एलजी के पास भेजी थी। एलजी ने खारिज करते हुए अपनी तरफ से नई लिस्ट दिल्ली सरकार को भेज दी थी। उसके बाद दिल्ली सरकार ने एलजी की लिस्ट खारिज कर दिया। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर अब कैबिनेट की बैठक बुलाई है।

घर-घर राशन पहुंचाने की योजना को लेकर तल्खी
दिल्ली में घर-घर राशन पहुंचाने की केजरीवाल सरकार की योजना तीन साल बाद अभी सिरे नहीं चढ़ पाई है। दिल्ली सरकार ने मार्च 2018 में इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना की फाइल को उपराज्यपाल के पास भेजा गया। दिल्ली के सीएम ने कहा कि उपराज्यपाल ने इसे खारिज कर दिया। एलजी का कहना था कि उनका काम सिर्फ सरकार को सलाह देना है।

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एलजी को ज्यादा पावरफुल बनाए का विरोध
केंद्र की ओर से उपराज्यपाल को और ज्यादा पावरफुल बनाए जाने वाले NCT ऑफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल, 2021 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया था। NCT ऑफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल, 2021 में कहा गया था कि सरकार को केाई भी फैसला लागू करने से पहले एलजी की ‘राय’ लेनी होगी, इनमें वह फैसले भी शामिल हैं जो मंत्रिमंडल करेगा। एलजी उन मामलों को तय कर सकेंगे जिनमें उनकी ‘राय’ मांगी जानी चाहिए।बिल के खिलाफ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुशील गुप्ता ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।

लॉकडाउन में बाजार खोलने को लेकर आमने-सामने
पिछले साल केजरीवाल सरकार की तरफ से अनलॉक-3 को लेकर लिए गए 2 बड़े फैसलों को एलजी ने खारिज कर दिए थे। ये दो फैसले होटल खोलने और ट्रायल बेसिस पर एक हफ्ते के लिए साप्ताहिक बाजारों को खोलने की अनुमति को लेकर थे।

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कोरोना मरीजों के इलाज पर रोक वाला फैसला बदला था
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली के अस्पतालों में केवल राजधानी के लोगों के इलाज को लेकर दिए केजरीवाल सरकार के फैसले को पलट दिया है। नए आदेशों के मुताबिक अब कोई भी व्यक्ति दिल्ली के अस्पतालों में इलाज करा सकता है। इससे पहले केजरीवाल सरकार ने कहा था कि दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज किया जाएगा।

जब एलजी के ऑफिस में मंत्रियों के साथ सोए थे केजरीवाल
जून 2018 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी अपनी मांगों को लेकर रातभर उपराज्यपाल कार्यालय में सोफे पर सो गए थे। केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने का निर्देश देने और ‘चार महीनों’ से कामकाज रोके रखे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने मांग कर रहे थे। दिल्ली के इतिहास में यह पहली बार था जब मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर एलजी ऑफिस में रात बिताई थी।

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Author: Bulandaawaj

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