विस, नई दिल्ली: दिल्ली सरकार द्वारा नई आबकारी नीति को लागू करने की तैयारी शुरू करने की खबरें सामने आने के बाद बीजेपी ने इसका कड़ा विरोध किया है। बीजेपी ने पूछा है कि जिस वक्त कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में बेड और ऑक्सिजन का इंतजाम करने पर सरकार का फोकस रहना चाहिए, उस वक्त दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार शराब बेचने की जल्दी में क्यों है?

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली सरकार की प्रस्तावित आबकारी नीति को भ्रष्टाचार का नया माध्यम बताते हुए कहा कि इसी वजह से सरकार इसे लागू करने को बेताब है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण 15 अप्रैल से 15 मई के बीच देखने को मिला, जब दिल्ली में चारों ओर कोरोना की वजह से भयावह स्थिति बनी हुई थी। उस वक्त भी नई आबकारी नीति को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई बार कैबिनेट की बैठकें बुलाईं।

गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जब लोगों को ऑक्सिजन और अस्पतालों में बेड्स की जरूरत थी, दवाइयों की कालाबाजारी हो रही थी, उस समय दिल्ली सरकार अस्पतालों में ऑक्सिजन और बेड्स का इंतजाम करने और दवाओं की कालाबाजारी पर रोक लगाने के बजाए शराब के नए ठेके कैसे बढ़ाए जाएं, इसकी योजना बनाने में लगी थी। इतना ही नहीं, दिल्ली में शराब के समान वितरण के नाम पर अब 84 ऐसे रिहाइशी वॉर्डों में शराब की दुकानें खुलने जा रहीं हैं, जहां अभी शराब की एक भी दुकान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 600 सरकारी शराब की दुकानों को बंद करवा के प्राइवेट दुकानें खुलवाने के पीछे भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा खेल है। नई शराब नीति आने के बाद शराब बेचने वालों की मनमानी बढ़ेगी। वे शराब के दाम अपने हिसाब से बढ़ा सकेंगे। आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार से नई आबकारी नीति पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि इसे नोटिफाई करने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि नई शराब नीति आने से दिल्ली में आपराधिक मामले बढ़ेंगे और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगी।

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Author: Bulandaawaj

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