विशेष संवाददता, नई दिल्ली
18-44 साल के लोगों के लिए कोवैक्सीन के बाद कोविशील्ड का स्टॉक खत्म होने से दिल्ली के सरकारी सेंटर्स में वैक्सिनेशन बंद हो चुका है। दिल्ली में लगातार दूसरे दिन युवाओं को फ्री वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी। आम आदमी पार्टी की एमएलए आतिशी ने मंगलवार को कहा कि युवाओं के पास अब प्राइवेट अस्पतालों में जाकर महंगे दामों पर वैक्सीन लगवाने के अलावा कोई भी चारा नहीं है। इसके अलावा, अब 45+ उम्र वालों के लिए भी कोवैक्सीन की डोज खत्म हो चुकी है। आतिशी ने केंद्र सरकार से अपील है कि फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को मंजूरी देकर जल्द से जल्द लोगों को वैक्सीन लगवाएं।

18-44 साल के लोगों के लिए दिल्ली में 360 सेंटर चल रहे थे मगर अब कहीं भी वैक्सीन नहीं लग रही है। आतिशी ने कहा कि दिल्ली में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को युवाओं को कोई वैक्सीन नहीं लगाई गई है। कोवैक्सीन और कोवीशील्ड का स्टॉक खत्म हो चुका है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के लिए भी कोवैक्सीन बिल्कुल समाप्त हो गई है। यह बहुत ही चिंताजनक स्थिति है। दिल्ली में 24 मई को 54,364 वैक्सीन की डोज लगाई गईं, जिसमें से 40 हजार लोगों को पहली और 14 हजार लोगों को दूसरी डोज लगाई गई। युवाओं की वैक्सीनेशन कल से दिल्ली में बंद होने के कारण कम वैक्सीन की डोज लगी हैं। सरकारी स्कूलों में वैक्सीनेशन बिल्कुल बंद हो गई है। जो थोड़ी बहुत वैक्सीनेशन हो रही है‌‌ वह सिर्फ निजी अस्पतालों में महंगी कीमतों पर हो रही है। कोविशील्ड की एक डोज तकरीबन 900 से 950 और कोवैक्सीन की एक डोज 1200 से 1300 रुपये में लगाई जा रही है। आतिशी ने कहा कि दूसरी लहर में देखा है कि कोविड-19 का युवाओं पर बहुत ही गंभीर असर पड़ा है। कई युवा अस्पतालों में भर्ती हुए और कई ने जान भी गंवा दी।

आतिशी ने बताया कि 45 साल से अधिक उम्र के लिए कोवैक्सीन की डोज खत्म हो गई है। जिन लोगों को कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगनी थी उनके लिए यह चिंता का विषय है कि अगर दोनों डोज के बीच में अंतर बढ़ जाएगा तो वैक्सीन की पहली डोज प्रभावी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी के लिए 700 से अधिक स्थानों पर वैक्सीनेशन चल रहा है। सोमवार को इनके लिए कोविशील्ड की डेढ़ लाख डोज मिली हैं। इस हिसाब से इनके लिए हमारे पास 3.27 लाख वैक्सीन का स्टॉक है। इसमें कोविशील्ड का स्टॉक 13 दिन के लिए बचा है और कोवैक्सीन का कोई भी स्टॉक नहीं बचा है।

आतिशी ने कहा कि दुनिया भर में फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना की वैक्सीन चल रही हैं। इनको डब्ल्यूएचओ ने भी अनुमति दे दी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। केंद्र सरकार से हमारी अपील है कि इन सब वैक्सीन को जल्द से जल्द अनुमति देकर, बड़े स्तर पर विदेशों से आयात करे। दोनों भारतीय वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर जल्द से जल्द लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करवानी चाहिए, वरना तीसरी लहर में बहुत बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।

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Author: Bulandaawaj

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