विशेष संवाददाता, नई दिल्लीविधानसभा में पेश किए गए दिल्ली सरकार के देशभक्ति बजट पर चर्चा करते हुए विधायक आतिशी ने कहा कि वर्तमान में दुनियाभर में जो शिक्षा नीति है, उस पर सवाल उठता है। उनके मुताबिक, ऊंची शिक्षा के बाद भी अगर कोई रिश्वत लेता है, महिलाओं का सम्मान नहीं करता है, जाति व धर्म के नाम पर हिंसा का समर्थन करता है तो यह सवाल तो उठना लाजमी है। इसे रोकने के लिए कुछ भी उपाय कर लें, वह पर्याप्त नहीं है। लेकिन, केजरीवाल सरकार ने इसका दीर्घकालिक समाधान निकालने की कोशिश की है और देशभक्ति पाठ्यक्रम के जरिए इसकी शुरुआत की है, ताकि जब बच्चा पढ़-लिखकर बाहर निकले तो वह एक अच्छा इंसान हो, महिलाओं का सम्मान करे और सरकार को हिंसा रोकने के लिए सीसीटीवी जैसे उपाय न करने पड़े। आतिशी ने कहा कि देशभक्ति पाठ्यक्रम को एक दिन पूरा देश अपनाएगा और तब इस देश में बड़े बदलाव दिखेंगे।

वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हर साल हमारी सरकार एक नए विजन के साथ आती है। कोरोना के दौर से गुजरने के बाद लोगों को लगा था कि पता नहीं इस बार क्या होगा, लेकिन अच्छे प्रबंधन, ईमानदारी की वजह से हम आगे बढ़ने की काबिलियत रखते हैं और इस बार का बजट उसका एक बेजोड़ उदाहरण है। लेकिन, आजादी के 75 साल बाद आज देश के सामने एक नया संकट उभरा है, असली देशभक्त और नकली देशभक्त का। कुछ लोग देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। जब 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लोग राष्ट्रवाद के लिए लड़-मिट रहे थे तब उनके अंदर मोहब्बत का राष्ट्रवाद था और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि नए भारत का निर्माण भी मोहब्बत के दम पर ही हो सकता है।

बजट पर चर्चा करते हुए मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा- देशभक्ति बजट के लिए सरकार को शुक्रिया, यह नए भारत के निर्माण की परिकल्पना है। इससे हमारे युवाओं में एक भाव पैदा हो, हम समझें कि हम सभी इंसान हैं। जाति-पाति के नाम पर जो भेदभाव हो रहा है, उसे भूल जाएं। हमारे पूर्वजों ने जो सपना देखा था, आज वैसा भारत बनाना है तो हमें मिलकर एक साथ चलना होगा। इस बजट में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है, किसी के साथ पक्षपात नहीं हुआ है। क्वॉलिटी एजुकेशन, स्वास्थ्य, के जरिए ही बेहतर समाज का निर्माण हो सकता है।

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Author: Bulandaawaj

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