नयी दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी पार्टी की तरफ से पंजाब में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार प्रदेश से ही आने वाला कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसे प्रदेश का गौरव कहा जा सकता है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और आप इस चुनावी जंग को जीतने के लिये तैयारी में जुटी है। पार्टी ने पहले ही कह रखा है कि अगर वह प्रदेश में अगली सरकार बनाती है तो लोगों को बिजली की 300 यूनिट मुफ्त दी जाएगी।

अकाली दल अप्रासंगिक हो चुका है- चड्ढा
पंजाब के लिए आप के सह-प्रभारी चड्ढा ने एक इंटरव्यू में कहा कि राज्य के लोग अगले चुनाव में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को एक मौका देना चाहते हैं क्योंकि अकाली दल अप्रासंगिक हो गया है, जबकि पंजाब के चुनावी इतिहास में कांग्रेस की सबसे ‘निकम्मी सरकार’ रही है।उन्होंने कहा कि पंजाब के लिये मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति द्वारा आने वाले वक्त में किया जाएगा।

कौन होगा पंजाब का सीएम- चड्ढा
आप सांसद और पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान के चुने जाने की संभावना पर उन्होंने कहा, ‘मैं आप के सीएम उम्मीदवार की केवल तीन विशेषताएं बता सकता हूं। एक यह है कि वह पंजाब राज्य से होगा, वह पंजाब की 2.8 करोड़ आबादी में से होगा और तीसरा वह कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसे पंजाब की ‘आन बान शान’ कहा जा सकता है।’

सिख समुदाय से होगा मुख्यमंत्री- चड्डा
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जून में कहा था कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिये पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा सिख समुदाय से होगा। मान के समर्थकों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने की इच्छा व्यक्त किए जाने के बारे में पूछने पर चड्ढा ने कहा, “सभी केजरीवाल और केजरीवाल के शासन के मॉडल के समर्थक हैं। मैं व्यक्तियों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन वोट झाड़ू (पार्टी का चुनाव चिन्ह) और केजरीवाल के लिए है।’

आप के कार्यकर्ता कर रहे हैं बैठक
पार्टी के सूत्रों ने बताया कि संगरूर और बरनाला जिलों में आप के कई कार्यकर्ता बैठक कर रहे हैं और पार्टी नेतृत्व पर मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने के लिए दबाव डाल रहे हैं। पंजाब के राजनीतिक हालात के बारे में बात करते हुए, चड्ढा ने दावा किया कि अकाली दल धीरे-धीरे “अप्रासंगिक” होता जा रहा है क्योंकि लोग बादल की पार्टी के लिए “अत्यंत घृणा” रखते हैं और चाहते हैं कि वह पराजित हो।

कांग्रेस ने खुदकुशी की- आप नेता
उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस का सवाल है, वह आत्महत्या के मिशन और खुद की बर्बादी की राह पर है और उसे विपक्ष की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वे खुद अपने विरोधी हैं और लोग सिर्फ आप और चुनाव होने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के पद से शनिवार को हुए अमरिंदर सिंह के इस्तीफे पर चड्ढा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की “कुर्सी की जंग” में सबसे बड़ा नुकसान पंजाब में शासन का हुआ है।

पंजाब के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं- चड्ढा
उन्होंने कहा, ‘पंजाब के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने हर किसी को देख लिया है और अब केवल आप ही उनकी उम्मीद है। वे आप को आजमाना चाहते हैं, वे आप को वोट देना चाहते हैं और दिल्ली में पिछले छह वर्षों से प्रदर्शित केजरीवाल के शासन के मॉडल पर भरोसा कर रहे हैं।’ चड्ढा ने कहा कि जब वह राज्य के लोगों से पूछते हैं कि वे अगले चुनाव में किसे वोट देंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे इस बार आप को मौका देना चाहते हैं।

भाजपा तो पंजाब में रेस में ही नहीं है- चड्ढा
चुनावों पर किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के प्रभाव पर, चड्ढा ने आरोप लगाया कि तीनों दलों – भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल – ने भारतीय किसानों को “धोखा” दिया और उनकी “पीठ में छुरा घोंपा”। चड्ढा ने कहा, ‘मैं सियासत के चश्मे से किसानों के विरोध को नहीं देखता और ऐसा करना किसी के लिए भी अनुचित होगा लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि इन तीन कानूनों को लागू करने के कारण भाजपा पंजाब में दौड़ में भी नहीं है। अकाली दल से लोगों को नफरत है क्योंकि इस कानून को लाने वाले वही लोग थे, हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री होने के नाते इस कानून का प्रस्ताव रखा और कैप्टन (अमरिंदर सिंह) से भी नफरत है क्योंकि वह इन कानूनों की मसौदा समिति का हिस्सा थे।’

हर कोई करेगा आप को वोट- राघव
उन्होंने कहा, ‘आप और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पूरे समय किसानों के साथ खड़े रहे और आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे तथा किसान समुदाय के कल्याण व उनके उत्थान के लिए काम करेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि क्या आप को अकाली दल के वोट बैंक से फायदा होगा, उन्होंने दावा किया कि सिर्फ कांग्रेस और अकाली दल के परंपरागत मतदाता ही नहीं, हर कोई आप को वोट देगा।

2017 में 117 विधानसभा सीटों में से 20 सीटें जीती
उन्होंने कहा, ‘इस बार ये सभी विभाजन और वर्गीकरण काम नहीं करने वाले हैं। ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली में चुनाव में सभी जाति, पंथ और धर्म के लोग अरविंद केजरीवाल को वोट देते हैं। इसी तरह, वे पंजाब में केजरीवाल को वोट देंगे।’ आप 2017 में 117 विधानसभा सीटों में से 20 सीटें जीतकर राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। कांग्रेस ने 77 जबकि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा गठबंधन ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2022 में होने हैं।

Source link

Bulandaawaj
Author: Bulandaawaj

Leave a Reply

Your email address will not be published.